नाग पंचमी


नाग पंचमी 2020: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन महीने के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। 10 जुलाई को सावन शुक्ल पंचमी को राजस्थान, बंगाल, बिहार और ओडीशा में नागपंचमी का त्योहार मनाया जाता है। जबकि देश के अन्य भागों में 25 जुलाई कृष्ण पंचमी को नागपंचमी के रूप में मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन नागों की पूजा देवता के रूप में की जाती है और उन्हें दूध पिलाया जाता है।
शास्त्र विधि को त्याग कर मनमाना आचरण करना व्यर्थ

पवित्र श्रीमद भगवद गीता अध्याय 16 श्लोक 23 और 24 में गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि अर्जुन शास्त्र विधि को त्यागकर मनमाना आचरण करते हैं उनको न तो किसी प्रकार का लाभ मिलता और ना ही उनके कोई कार्य सिद्ध होते तथा ना ही वे मोक्ष को प्राप्त कर सकते!

शास्त्र अनुकूल भक्ति क्या है

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 17 के श्लोक 23 में गीता ज्ञान दाता ने ओम, तत्, सत ये तीन मंत्र मोक्ष के बताएं हैं इन तीन मंत्रों के जाप से ही मुक्ति संभव है तथा इसके अलावा गीता अध्याय 4 के श्लोक 34 में कहा है की उस तत्वज्ञान को तू उन तत्वदर्शी संत के पास जाकर समझ उनको भली-भांति दंडवत प्रणाम करने से वे तुझे तत्वज्ञान का उपदेश करेंगे और फिर जैसे वे साधना बताएं वैसे भक्ति साधना कर उसी से तेरा मोक्ष संभव है

पवित्र सामवेद संख्या 359 अध्याय 4 खंड 25 श्लोक 8 में प्रमाण है कि जो (कविर्देव) कबीर साहिब तत्वज्ञान लेकर संसार में आता है वह सर्वशक्तिमान सर्व सुखदाता और सर्व के पूजा करने योग्य है

पूर्ण संत की क्या पहचान है

पूर्ण संत के विषय में परमेश्वर कबीर जी ने बताया है कि:

“सतगुरु के लक्षण कहूं मधुरे बैन विनोद।
चार वेद छह शास्त्र कहै अठारा बोध” ।।

वर्तमान समय में पूरे विश्व में एकमात्र तत्वदर्शी संत, पूर्ण गुरु केवल संत रामपाल जी महाराज है जो वेद और शास्त्रों के अनुसार यथार्थ भक्ति मार्ग बता रहे हैं, अधिक जानकारी के लिए देखिए 👉साधना टीवी चैनल शाम 7:30 बजे


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